मिशन इलेवन मिलियन

सांगोपांग
मिशन इलेवन मिलियन फुटबाल को देश का पसंदीदा खेल बनाने की परिकल्‍पना से प्रेरित बड़ा कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत देश के 11 मिलियन यानी 1.1 करोड़ बच्चों को फुटबाल से जोडा जा रहा है। देश के सबसे बड़े स्कूल खेल पंहुच कार्यक्रम के तहत अब तक 10 लाख से अधिक बच्चों को जोड़ा जा चुका है। यह भारत सरकार और अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ का अभियान है। इसके तहत देश के 37 शहरों में 12,000 स्कूलों तक फुटबाल की पहुंच सुनिश्चित करना है।
इसके जरिए स्‍कूल के प्रधानाचार्यों और खेल शिक्षकों को बच्‍चों को नियमित फुटबॉल खेलने को बढ़ावा देने तथा जागरुक करने के लिए कहा जा रहा है।

इस कार्यक्रम की सोच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इसके बाद 10 फरवरी 2017 को नयी दिल्ली में खेल राज्यमंत्री विजय गोयल ने नयी दिल्ली में इसकी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य देश के प्रत्‍येक इलाके के 11 मिलियन बच्‍चों में फुटबॉल के प्रति जुनून पैदा करना है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च 2017 के अपने ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में फीफा अंडर 17 विश्‍व कप 2017 को युवाओं के लिए बड़ा अवसर बताया और कहा कि इससे देशभर में खेल क्रांति शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे साल में स्‍कूलों और कॉलेजों तथा देशभर में फुटबॉल का वातावरण रहना चाहिए।

पढ़ें: फीफा अंडर 17 विश्वकप 

दस लाख की उप​लब्धि: इस अभियान यानी मिशन इलेवन मिलियन के तहत 31 मार्च 2017 तक 10 लाख बच्चे इससे जुड़े चुके। सिक्किम के गंगतोक में इस कार्यक्रम से जुड़ने वाली दस लाखवीं बच्ची श्रीजना सुभा रहीं को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। सुभा टाडोंग में देवराली सरकारी स्कूल की छात्र है।
उल्लेखनीय है कि फीफा अंडर 17 विश्‍व कप 2017 इस साल अक्तूबर में भारत में आयोजित हो रहा है।

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