राजस्थानी संस्कृति में रची चोखी ढाणी

चोखी ढाणी
चोखी ढाणी, जयपुर का एक दृश्य

चोखी ढाणी जयपुर के बाहरी इलाके में एक रेसोर्ट है जहां परिवार के साथ राजस्थानी संस्कृति में, राजस्थानी लोकजीवन का साक्षात दर्शन करते हुए समय बिताया जा सकता है। इसमें कोई दोराय नहीं कि बीते लगभग दो दशकों में चोखी ढाणी जयपुर का पर्याय बन चुकी है। 

सबसे पहले तो आपको यह बता दें कि चोखी ढाणी रेसोर्ट जयपुर के सिंधी कैंप बस अड्डे से लगभग बीस किलोमीटर की दूरी पर टोंक रोड पर है। यहां बस, कैब व निजी वाहन से आसानी से पहुंचा जा सकता है। पार्किंग की अच्छी सुविधा इस ढाणी में है। 

यहां दो तरह की टिकट लगती है कि 700 रुपये व 900 रुपये जिसमें खाना शामिल होता है। साढे तीन  फुट तक के बच्चों की आधी टिकट 400 रुपये लगती है।  ढाणी परिसर में होने वाली बाकी गतिविधियों या खरीददारी के लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है। यह ढाणी दरअसल राजस्थानी लोकजीवन में रचा बसा एक छोटा सा गांव है जहां हम ठेठ राजस्थानी खाने का आनंद ही नहीं ले सकते बल्कि उस जीवन को जी भी सकते हैं।

चोखी ढाणी का डिजाइन, यहां काम करने वालों का पहनावा व बोली खांटी है। आप इसे इंज्वाय कर सकते हैं। बड़े यहां कालबेलिया नृत्य का आनंद ले सकते हैं, लाइव लोकसंगीत का आनंद ले सकते हैं तो बच्चों के लिए तो अनेक तरह के मनोरंजक कार्यक्रम होते रहे हैं। इनमें कठपुतली का खेल, जादूगर के रंग शामिल है। नाव की सैर कर सकते हैं। हाथी सवारी का आनंद लिया जा सकता है। उंटगाड़ी पर बैठ सकते हैं। भुलभलैया में समय बिता सकते हैं। अनेक तरह के झूले भी यहां है।

महिलाएं हाट बाजार में अपनी खरीददारी का शौक पूरा कर सकती हैं। इक अजायबघर है। कई मंदिर हैं। गट्टे की सब्जी, कढ़ी और दाल पंचमेल की खुश्बू से महकते रेस्टोरेंट हैं। तो कुल मिलाकर एक पूरा पैकेज है जिसका आनंद पूरे परिवार के साथ लिया जा सकता है।

चोखी ढाणी का डिजाइन, यहां काम करने वालों का पहनावा व बोली खांटी है। आप इसे इंज्वाय कर सकते हैं। बड़े यहां कालबेलिया नृत्य का आनंद ले सकते हैं, लाइव लोकसंगीत का आनंद ले सकते हैं तो बच्चों के लिए तो अनेक तरह के मनोरंजक कार्यक्रम होते रहे हैं। इनमें कठपुतली का खेल, जादूगर के रंग शामिल है। नाव की सैर कर सकते हैं। हाथी सवारी का आनंद लिया जा सकता है। उंटगाड़ी पर बैठ सकते हैं। भुलभलैया में समय बिता सकते हैं। अनेक तरह के झूले भी यहां है। महिलाएं हाट बाजार में अपनी खरीददारी का शौक पूरा कर सकती हैं। इक अजायबघर है। कई मंदिर हैं। गट्टे की सब्जी, कढ़ी और दाल पंचमेल की खुश्बू से महकते रेस्टोरेंट हैं।

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