बेबी बाक्स के बच्चे

 

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बेबी बाक्स या बच्चे का पालना. सीधे शब्दों में तो बेबी बाक्स का यही मतलब है लेकिन यूरोप व अब अमेरिका में बेबी बाक्स प्रणाली का अलग मतलब निकल रहा है और इसको लेकर नये सिरे से बहस चल रही है.

दरअसल यूरोप में अपने बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ अभिभावक अपने नवजात बच्चे को एक बक्से में छोड़ आते हैं जिसे बेबी बाक्स (baby box) कहा जाता. यह अलग बात है कि इस तरह का बाक्स चौबीसों घंटे निगरानी में रहता है. यानी जैसे ही कोई बच्चा उस बाक्स में रखा जाएगा उससे सम्बद्ध नर्स को पता चलेगा और कुछ ही मिनट में उसे जरूरी चिकित्सकीय व अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इस तरह के बाक्स में आने वाले बच्चे के पालन पोषण की जिम्मेदारी सरकार की रहती है. हालांकि यह मध्यकालीन व्यवस्था थी पर अब भी अनेक यूरोपीय व अन्य देशों में लागू है. इसको लेकर हमेशा से ही सवाल उठते रहे हैं.

मार्च 2015 में यह बहस अमेरिका के एक प्रांत इंडियाना पर केंद्रित हो गई. इस तरह की अटकलें लगाई गईं की वह अमेरिका का पहला राज्य हो सकता है जहां बेबी बाक्स लगाए जाएं. यानी माता पिता अपने उन नवजात को उन बाक्स में छोड़ जाएं जिन्हें वे नहीं पालना चाहते. इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.

कुछ साल पहले की बात करें तो अगस्त 2012 में खबरें आईं कि यूरोप में बेबी बाक्स का दौर लौट रहा है. जर्मनी के बर्लिन उपनगर में घरों के आगे ऐसे बक्से लगे होते हैं जिन पर बेबीवेज (babywiege) यानी बच्चों का पालना लिखा होता है. दरअसल यह एक तरह की सुविधा उन महिलाओं के लिए है जो अपने नवजात शिशुओं को पालना नहीं चाहती. इन बक्सों में सारी सुविधाएं होती हैं. जैसे ही उसमें शिशु छोड़ा जाता है एक घंटी बजती है और नर्स बच्चे को अस्पताल ले जाती है. वहीं बच्चे का पालन पोषण होता है. बच्चे को अपने मां बाप की जानकारी कभी नहीं मिलती.

साल 2012 में जर्मनी में एक मां ने अपने शिशु को पांचवीं मंजिल से फेंक दिया था. इसके बाद इस तरह के बेबीबाक्स पर बहस चल पड़ी; जर्मनी के साथ साथ आस्ट्रिया, हंगरी, पोलैंड, चेक गणराज्य, लातविया और रोमानिया में भी ऐसे बक्से लगाए गए हैं. बड़ी संख्या में शिशु इन बक्सों में पाये जाते हैं और इनमें से कई की मौत हो जाती है. हालांकि इनसे जुड़ी सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है. यूरोपीय देशों के अलावा चीन, जापान, मलेशिया व दक्षिण कोरिया में भी इस तरह की व्यवस्था है.

वहीं संयुक्त राष्ट्र इस व्यवस्था को बच्चों के अधिकार का मानता है. बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र समिति ने बेबी बाक्स की इस व्यवस्था को शिशुओं के नैसर्गिक अधिकार का हनन बताया था. समिति ने 2014 में जर्मनी तथा 2015 में स्विटजरलैंड से कहा था कि वे अपने अपने यहां बेबी बाक्स का इस्तेमाल निषेध करें. समिति ने इन देशों से कहा है कि इसके बजाय वे उन कारणों को दूर करें जिनके चलते अभिभावक नवजात बच्चों को त्यागते हैं.
[फोटो: बर्लिन  में बेबी बाक्स की तरफ इशारा करता साइन बोर्ड, फोटो इंटरनेट से साभार]

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