टिकटॉक हो गया बैन?


क्या टिकटॉक बंद हो गया है? सरकार ने इस पर बैन लगा दिया है? यह दो सवाल इस समय देश के उन लाखों लोगों के जेहन में गूंज रहा है जो इस एप के जरिए न केवल स्टार हो गए हैं बल्कि अपनी छुपी हुई कला को दुनिया के सामने रख पाए हैं।

तो बात टिकटॉक पर बैन की। शुरुआत करते हैं पीछे से। दरअसल यह सारी बहस शुरू हुई मद्रास उच्च न्यायालय के एक फैसले से। बात तीन अप्रैल 2019 की है। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने ऐसे मोबाइल एप के जरिए ‘अश्लील और अनुचित सामग्री’ परोसे जाने पर चिंता जताई और केंद्र सरकार से कहा कि वह मोबाइल एप ‘टिक टॉक’ पर प्रतिबंध लगा दे।

इस एप की मालिक चीन की कंपनी बाइटडांस ने उच्च न्यायालय के इस फैसले को उच्चतम न्यायालय यानी देश के सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को निचली अदालत यानी उच्च न्यायालय के फैसले पर तो रोक लगाने से इनकार कर दिया लेकिन मामले में आगे की तारीख 22 अप्रैल दे दी। इसके बाद इलेक्ट्रोनिक्स व इन्फोर्मेशन मिनस्ट्री ने गूगल व एपल से कहा है कि वे अपने अपने एप स्टोर से इसे हटा लें। यह हट गया।

अब बात सरल भाषा में। इस मामले में अदालत का अंतिम फैसला आने तक टिक टॉक चलता रहेगा। हां नये लोग गूगल या एपल के एप स्टोर से इस एप को अब डाउनलोड नहीं कर पा रहे। लेकिन जिनके मोबाइल में यह पहले से ही वे इसका इस्तेमाल जारी रख सकते हैं। यानी टिकटॉक पर सीधा बैन भले ही नहीं हुआ लेकिन बात उस दिशा में बढ रही है। हां फिलहाल जिनके मोबाइल में टिकटॉक है वे इसका अच्छे ढंग से आनंद लें और अदालत के आगामी आदेश का इंतजार करें।

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