जयपुर का नौंवा दरवाजा

पत्रिका गेट जो जवाहर सर्किल में है। जवाहर सर्किल जयपुर का प्रमुख घूम या सर्किल है। यहां से एक सीधी सड़क त्रिपोलिया यानी मुख्य शहर और बाजार तक जाती है।

हमारी प्रकृति और संस्कृति में नौ का अपना महत्व है। जैसे नौ गृह, नवरात्रा और नौ दरवाजे। इसी के आधार पर यह दरवाजा बनाया गया। इस गेट में भी नौ अंक का विशेष ध्यान रखा गया है। जैसे दरवाजे का हर द्वार नौ फुट चौड़ा है लंबाई 27 फुट है। पूरे गेट की चौड़ाई 81 फीट है। इसकी कुल उंचाई 108 फीट है। यानी हर माप में नौ है।


इस दरवाजे को राजस्थान के इतिहास व संस्कृति का छोटा मोटा नमूना कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस दरवाजे में नौ छोटे द्वार बने हुए हैं और इसका हर स्तंभ राजस्थान के किसी ने किसी इलाके व उसकी संस्कृति को समर्पित है। द्वार पर जयपुर के मंदिरों, महलों, दुर्गों के हस्तनिर्मित चित्र हैं। जयपुर के इतिहास को इन पर एक तरह से उकेरा गया है।

यहां न केवल जयपुर के इतिहास बल्कि वर्तमान की एक झलक भी देखी जा सकती है। जवाहर सर्किल अपनी तरह सबसे बड़ा गार्डन है। यहां बच्चों के लिए झूलों का पार्क है। रात में आधे घंटे का म्यूजिक्ल फाउंटेन शो भी होता है।

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