शिक्षा पर बीजिंग घोषणापत्र

शिक्षा पर बीजिंग घोषणापत्र ब्रिक्स देशों का साझा घोषणा पत्र है जिसे इसके सदस्य देशों ने पांच जुलाई 2017 को बीजिंग में अंगीकृत किया। ब्रिक्स देशों के शिक्षा मंत्रियों की दो दिवसीय पांचवीं बैठक में इसके सदस्य देश ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका व चीन के शिक्षामंत्रियों ने भाग लिया। बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया।

Beijing Declaratoin

शिक्षा पर बीजिंग घोषण पत्र के मुख्य बिंदु:

  • शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय (एनयू) को समर्थन प्रदान करें। ब्रिक्स विश्वविद्यालय लीग में भाग लेने के लिए विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहित करें।
  • ब्रिक्स के सदस्य देशों के इतिहास और संस्कृति के क्षेत्र में आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए भाषा- शिक्षा और बहुभाषावाद के माध्यम से सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाएं।
  • भविष्य के शिक्षा के विकास के लिए ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा में पेशेवर शिक्षाविदों को बढ़ावा देने के लिए पहल करें।
  • शिक्षकों और शैक्षिक प्रशासकों को शिक्षा की गुणवत्ता और प्रदर्शन में सुधार करने तथा अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान के माध्यम से शिक्षा के विकास को बढ़ावा देने के अनुभव से सीखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें।
  • तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (टीवीईटी) के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना, व्यावसायिक शिक्षा के विकास में विचारों और अनुभवों को साझा करना और उन परियोजनाओं का विकास करना जो ब्रिक्स के सदस्य देशों के लिए परस्पर समान हित पर आधारित हैं।
  • ब्रिक्स थिंक टैंक काउंसिल (बीटीटीसी), ब्रिक्स नेशनल यूनिवर्सिटी के साथ-साथ अन्य ब्रिक्स पहल के महत्व को पहचानें और उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में सहयोग के तंत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • शैक्षिक थिंकटैंक और शिक्षा शोधकर्ताओं के बीच सहयोग को सरल एवं कारगर बनाने के महत्व पर जोर दें और ब्रिक्स सदस्य देशों में विभिन्न संस्थाओं के बीच संभावित सहयोग बढ़ाने के लिए और शिक्षा सम्मेलन का आयोजन करने के लिए चीन के निमंत्रण का स्वागत करें।
  • ब्रिक्स के सदस्य देशों से युवा पीढ़ी के बीच संचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने के लिए “युवा शीतकालीन/ ग्रीष्म शिविरों” के संगठन को प्रोत्साहित करें।
  • ब्रिक्स सदस्य देशों के छात्रों को छात्रवृत्ति के अवसरों की संख्या का विस्तार करने के लिए सदस्य देशों को प्रोत्साहित करें।
  • एसडीजी 4-शिक्षा 2030 लक्ष्य हासिल करने में अनुभव और कार्ययोजनाओं को साझा करें ताकि एक बेहतर अनुकूल वातावरण तैयार हो सके। प्रभावी कार्ययोजनाओं को अपनाएं और वैश्विक शैक्षणिक नीतियों के संदर्भ में ब्रिक्स सदस्य देशों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखें।
  • 2018 में दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित होने वाले ब्रिक्स एनयू के तीसरे वार्षिक सम्मेलन में और सितंबर 2017 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले ब्रिक्स वैश्विक व्यापार और नवाचार सम्मेलन में भागीदारी को प्रोत्साहन प्रदान करें।
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