सांस्‍कृतिक मानचित्रण अभियान

सांस्‍कृतिक मानचित्रण अभियान देश भर के कलाकारों की जानकारी या डेटा एकत्रित करने की योजना है। केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत मई 2015 में की। इसके तहत किसी कलाकार विशेष से जुड़ी सारी जानकारी एक वेबसाइट के डेटा में रखा जाता है। सरकार का कहना है कि इस जानकारी का इस्तेमाल विभिन्‍न सांस्‍कृतिक योजनाओं के आयोजन के लिए इसका इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक ​मानचित्रण​ मिशन बनाया है।

भाजपा सरकार की इस पहल को ‘देश की आत्मा’ को एक डेटाबेस में रखने की पहल भी कहा जा रहा है। यह अपने आप में कल्चरल मैपिंग है। यह अभियान ‘एक भारत श्रेष्‍ठ भारत’ कार्यक्रम के बैनर तले शुरू किया गया। संस्कृति मंत्रालय ने इसकी शुरुआत पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय की जन्‍म सदी वर्ष मनाने के हिस्‍से के रूप में की थी।इस कार्यक्रम के तहत 2020 तक देश के कुल 6.40 लाख गांवों को कवर किया जाना है।

अब तक बड़ी संख्या में कलाकारों से जुड़ी जानकारी इस पोर्टल पर डाली जा चुकी है। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत केन्‍द्रीय संस्‍कृति और पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) महेश शर्मा ने 18 जून 2017 को उत्‍तर प्रदेश के मथुरा जिले में गोवर्द्धन ब्‍लाक में खंड स्‍तरीय विशाल प्रतिभा खोज कार्यक्रम के उद्घाटन के साथ की।

सांस्कृतिक मानचित्रण का अर्थ: सांस्कृतिक मानचित्रण या कल्चरल मैपिंग का मतलब किसी देश या क्षेत्र विशेष की सांस्कृतिक संपदाओं से जुड़ी जानकारी एकत्रित करना व सांस्कृतिक विविधता व संपदा के संरक्षण के विभिन्न उपाय करना है। इसमें विभिन्न अनुसंधान तकनीकों व टूल का इस्तेमाल किया जाता है।

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