श्री अमरनाथ यात्रा की तैयारी 

हर साल होने वाली अमरनाथ यात्रा कई मायनों में विकट होती है क्योंकि इसमें लगभग 14000 फुट की ऊंची चढ़ाई शामिल है। यात्रा के दौरान अनेक तीर्थ यात्रियों को उल्टी, थकान, अनिद्रा व भूख नहीं लगने जैसी अनेक स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि इस यात्रा पर जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि इसकी पूर्व तैयारी करें ताकि शारीरिक व मानसिक तौर पर इसके लिए तैयार हो सकें।

होने वाली दिक्कतें: अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अनेक ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होती हैं। इनमें भूख न लगना, जी मचलाना, उल्‍टी, थकान, कमजोरी, चक्‍कर आना, नींद में परेशानी, दृष्टि दोष, मूत्र प्रणाली के गड़बड़ी, शरीर के एक हिस्‍से में लकवे की शिकायत, धीरे धीरे आने वाली बेहोशी, मानसिक स्‍तर में परिवर्तन, सीने में खिंचाव, रक्‍त संचय, श्‍वास गति बढ़ना और हृदय गति बढ़ना शामिल है। इन दिक्कतों को सामान्य रूप से नहीं लिया जा सकता। चिकित्सकों का कहना है कि यदि ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियों का समय रहते उपचार न किया जाए तो जान पर बन सकती हैं।

कैसे करें तैयारी: श्री अमरनाथ जी तीर्थ मंडल इस यात्रा के इच्छुक श्रद्धालुओं को बार बार शारीरिक व मानसिक तौर पर इसकी तैयारी करने की सलाह देता है। ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियों से बचाव के लिए मंडल के मुख्य परामर्श निम्न हैं: 

  • श्रद्धालु शारीरिक तैयारी करें और अपने शरीर को इस यात्रा के लिए ढालें। इसके लिए यात्रा से कम से कम एक महीना पहले सुबह/शाम कम से कम 4-5 कि‍लोमीटर सैर करें।
  • गहरे श्‍वास के व्‍यायाम जैसे योग, विशेषकर प्राणायाम शुरू करें ताकि शरीर में आक्‍सीजन की क्षमताओं को बढ़ाया जा सके।
  • अगर आपको पहले से कोई चिकित्‍सा संबंधी परेशानी है तो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा से पूर्व अपने डॉक्‍टर से जांच अवश्‍य करायें।
  • चढ़ाई के समय धीरे-धीरे चलें और स्‍वयं को वातावरण के अनुकूल होने का समय दें। खड़ी चढ़ाई से पहले कुछ क्षण का समय लें।
  • अपनी सामान्‍य क्षमता से अधिक परिश्रम न करें।
  • विभिन्‍न स्‍थानों पर अनिवार्य रूप से आराम लें और समय संलेखन को सुनिश्चित करें। अगले स्‍थल तक पहुंचने के लिए प्रदर्शित बोर्ड पर दर्शाया गया आदर्श समय ही लें।
  • कोई भी दवा लेने से पहले अपने डॉक्‍टर को अवश्‍य दिखायें।
  • शरीर में पानी की कमी और सिर दर्द से बचने के लिए काफी मात्रा में पानी पीयें- लगभग 5 लीटर तरल पदार्थ प्रतिदिन।
  • यात्रा क्षेत्र में आहार लेते समय तीर्थ मंडल की वेबसाइट (श्री अमरनाथ जी श्राइन डॉट कॉम) पर उपलब्‍ध निर्धारित आहार सूची का पालन करें।
  • थकान और रक्‍त में शर्करा के निम्‍न स्‍तर से बचने के लिए काफी मात्रा में कार्बोहाइडेट लें।
  • अपने साथ संवहनीय ऑक्‍सीजन लेकर चले जो श्‍वास की तकलीफ के समय मददगार साबित होती है।
  • अगर आपको ऊंचाई संबंधित परेशानी के लक्षण दिखायी देते हैं तो तुरंत निम्‍न ऊंचाई वाले क्षेत्र में उतर जाएं।
  • अगर कुछ सप्‍ताह पूर्व लिए गए अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र के बाद आपके स्‍वास्‍थ्‍य के स्‍तर में कोई बदलाव आए तो यात्रा आरंभ करने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह आवश्‍य लें।
  • ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या पेश आने पर या कोई भी अन्‍य परेशानी होने पर प्रति 2 किलोमीटर पर उपलब्‍ध सबसे नजदीकी स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा केंद्र से तुरंत संपर्क करें।  
इनसे बचें: 
बोर्ड की सलाह है कि ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियों से बचाव के श्रद्धालु ध्यान रखें कि वे 
  1. ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियों के लक्षणों को अनदेखा ना करें।
  2. शराब, कैफिन युक्‍त पेय और धूम्रपान न करें।
  3. ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानी आने पर आगे चढ़ाई न करें। इसकी बजाय तुरंत निचले क्षेत्र में उतरें जहां का वातावरण आपके अनुकूल हो।
  4. बीमार यात्री की कही गई प्रत्‍येक बात को स्‍वीकार न करें क्‍योंकि उनकी धारणा गलत हो सकती है।

पढ़ें: अमरनाथ यात्रा 2017 पंजीकरण
श्री अमरनाथ श्राईन बोर्ड की वेबसाइट 

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