सेक्स ग्रूमिंग का जाल

सेक्स ग्रूमिंग (sex grooming) यानी यानी किसी को सेक्स के लिए तैयार करना. आमतौर पर टीनएजर यानी किशोरियों/युवतियों को सेक्स के बारे में सिखाने/बताने को उनकी सेक्स ग्रूमिंग कहा जाता है. लेकिन सेक्स ग्रूमिंग की आड़ में इस तरह की किशोरियों का यौन उत्पीड़न बड़ी समस्या बनता जा रहा है.

सोशल नेटवर्किंग साइटों की बढती पहुंच और मोबाइल कनेक्टिविटी ने मामले को बहुत पेचीदा बना दिया है. जून 2012 में ब्रिटेन में अधिकारियों ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया जो सेक्स ग्रूमिंग के नाम पर दर्जनों किशोरियों से रेप आदि करवा चुका था. इस गिरोह के सदस्य इंटरनेट पर बच्चों को सेक्स ग्रूमिंग के नाम पर ललचाते और फिर किशोरियों को सस्ती वोदका या कुछ और पिलाकर उनसे जबरदस्ती करते. विशेषज्ञ अभिभावकों के साथ साथ बच्चों से भी इसके प्रति सावधान रहने की सलाह देते हैं.

ब्रिटेन में छोटी उम्र के बच्चों में सेक्स का एक घिनौना सच जून 2012 में ही तब सामने आया जबकि बाल कल्याण मामलों की उपायुक्त सू बेरलोविज ने एक शोध ब्रिटेन के सांसदों के सामने रखा. इसमें बच्चियों/किशोरियों से सामूहिक सेक्स की बात कही गई. गृह मंत्रालय की स्थाई समिति के सामने सू ने दावा किया है कि ब्रिटेन का कोई ऐसा गांव, शहर या कस्बा नहीं है जहाँ पर बच्चों का यौन शौषण न हो रहा हो.

सू ने इसके लिए इंटरनेट को सबसे बड़ा कारण बताया है. उनके शोध के अनुसार बच्चे इंटरनेट के कारण सेक्स को लेकर हिंसक हो रहे है.

सू की रपट में के अनुसार, “यह आम है कि लड़कियों से चैट रूम पर दोस्ती करके मिलने के लिए बुलाया जाता है. फिर पार्क में उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया जाता है. इसके बाद लड़कों का दूसरा गुट पीड़ित लड़की को पार्क के किसी दूसरे कोने में ले जाकर फिर से सिलसिलेवार बलात्कार करता है.” सू ने बच्चों द्वारा इंटरनेट के साथ साथ मोबाइल फोन के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की वकालत की.

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