चीन में नहीं होते चाइनामैन बालर

चाइनामैन गेंदबाज बायें हाथ के उस गेंदबाज को कहा जाता है जिसकी लेग स्पिन गेंद, लेग से आफ स्‍टंप की तरफ स्पिन होती है. इसे यूं भी कहा जा सकता है कि बायें यानी लेफ्ट आर्म स्पिनर जब अपनी उंगलियों की बजाए कलाई से गेंद को घुमाता है तो उसे चाइनामैन गेंदबाज कहा जाता है।

दअसल मार्च 2017 में धर्मशाला ने कुलदीप यादव ने जब आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले मैच की पहली ही पारी में चार विकेट चटकाए तो यह गेंदबाजी भारत में एक बार फिर चर्चा में आई। कुलदीप को भारत का पहला चाइनामैन गेंदबाज कहा गया।

इतिहास: अब सवाल यह है कि यह शब्द कहां से आया। दरअसल इस शब्द की उत्पति बायें हाथ के स्पिनर एलिस अचोंग से हुई जो कि मूल रूप से तो चीन के थे लेकिन वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम के सदस्य थे। साल 1933 की बात है जब मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने दाएं हाथ के बल्लेबाज वाल्टर रॉबिन्स को कलाई के बल से गेंद फेंकी जो ऑफ स्टंप को छूती हुई निकल गई। राबिंस ने पहली बार चाइनामैन शब्द का इस्तेमाल इन्हीं एलिस के लिए किया था।

दुनिया में अब तक इस तरह के बहुत गिने चुने ही गेंदबाज हुए हैं। इनमें वेस्टइंडीज के दिग्गज गैरी सोबर्स, इंग्लैंड के जानी वार्डले, पॉल एडम्स, फ्लीटवुड-स्मिथ व ब्रैड हॉग शामिल हैं। यानी कुल मिलाकर बात की जाए तो कुलदीप यादव सातवें चाइनामैन गेंदबाज हैं।

 

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