सीबीआईसी का गठन

केन्‍द्रीय प्रत्‍यक्ष कर व सीमा शुल्‍क बोर्ड यानी सीबीआईसी केन्‍द्रीय उत्पाद व सीमा शुल्‍क बोर्ड (सीबीईसी) का नया नाम या प्रारूप है। दरअसल वित्त मंत्रालय ने  वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कार्यान्‍वयन के लिए केन्‍द्रीय उत्पाद व सीमा शुल्‍क बोर्ड (सीबीईसी) के फील्‍ड संगठनों के पुनर्गठन प्रस्‍ताव को मंजूरी प्रदान की। इसके तहत सीबीईसी को केन्‍द्रीय प्रत्‍यक्ष कर व सीमा शुल्‍क बोर्ड (सीबीआईसी) का नया नाम दिया जा रहा है। सीबीईसी हमारे देश में अप्रत्यक्ष करों के लिए सबसे शीर्ष निकाय है।

सरकार ने जीएसटी के कार्यान्‍वयन के लिए केन्‍द्रीय आबकारी व सीमा शुल्‍क बोर्ड (सीबीईसी) के फील्‍ड संगठनों के पुनर्गठन प्रस्‍ताव को मार्च 2017 में मंजूरी प्रदान कर दी है। सीबीईसी के अंतर्गत केन्‍द्रीय आबकारी और सेवा कर के मौजूदा संगठनों का पुनर्गठन किया जा रहा है ताकि प्रस्‍तावित वस्‍तु एवं सेवा कर कानूनों के प्रावधानों का कार्यान्‍वयन और प्रवर्तन किया जा सके।

सीबीआईसी सभी फील्‍ड संगठनों और निदेशालयों के कामकाज पर निगरानी रखेगा और केन्‍द्रीय उत्पाद लेवी और सीमा शुल्‍क कार्यों को जारी रखते हुए, जीएसटी के संबंध में नीति तैयार करने में सरकार की सहायता करेगा।

सरकार का कहना है कि सीबीआईसी के तहत 21 जोन, 15 उपायुक्‍त कार्यालयों सहित 101 जीएसटी कर दाता सेवाएं आयुक्‍त कार्यालय, 768 डिविजन, 3969 रेंज, 49 ऑडिट आयुक्‍त कार्यालय और 50 अपील आयुक्‍त कार्यालय होंगे।

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