आईपीएल का इतिहास

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क्रिकेट के फटाफट प्रारूप यानी टवेंटी टवेंटी पर आधारित प्रतियोगिता इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) या आईपीएल (IPL) की शुरुआत 2008 में हुई और अपनी वाणिज्यिक सफलता व लोकप्रियता के बलबूते पर य​ह दुनिया का प्रमुख क्रिकेट आयोजन बन गया. 2019 तक 12 आईपीएल हो चुकी हैं.  इस प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड या बीसीसीआई करता है. यह आयोजन आमतौर पर भारत के विभिन्‍न शहरों में अप्रैल से मई के बीच होता है. हालांकि मुख्य रूप से सुरक्षा कारणों के चलते यह दो बार (एक बार पूरी व एक बार आंशिक) विदेश में भी आयोजित हो चुकी है. इसमें भाग लेने वाली टीमों में भारतीय व विदेशी खिलाड़ी शामिल होते हैं. भारतीय टीम में मौका नहीं पाने वाले घरेलू खिलाडियों को भी इसमें मौका मिलता है. इसकी टीमों के नाम प्रमुख शहरों या प्रांत के नाम पर हैं जैसे कि कोलकाता नाइटराइडर्स व राजस्‍थान रायल्‍स. आईपीएल में भाग लेने वाली टीमें वास्‍तव में किसी प्रदेश या शहर का प्रतिनिधित्‍व नहीं करतीं बल्कि उन पर कुछ बड़ी कंपनियों का मालिकाना हक है. यानी इसके खिलाडियों व स्‍टाफ आदि को ये कंपनियां ही भुगतान करती हैं.

 

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आईपीएल और विवाद: आईपीएल की शुरुआत इंडियन क्रिकेट लीग की शुरुआत के मद्देनजर हुई. बुरे हों या अच्छे यह अनेक कारणों के कारण चर्चा में रही है. मैच फिक्सिंग, स्पाट फिक्सिंग, आपसी जूतमपैजार, सटोरियों का दखल, खिलाड़ियों पर जोर जबरदस्ती के आरोप.. अनेक कारणों से आईपीएल का हर सत्र चर्चा में बना रहता है. आईपीएल के इस पूरे ड्रामे में दो नयी फ्रेंचाइजी का बनना व खत्म होना, सुनंदा पुष्कर की मौत, ललित मोदी की​ विदाई, स्पाट फिक्सिंग में अनेक नामी खिलाड़ियों का शामिल होना शामिल है. एक बार तो इसके बंद होने तक के कयास लगाए जाने लगे लेकिन कहते हैं कि इसमें ​इतने लोगों को कारोबारी, व्यक्तिगत हित जुड़े हैं कि कोई नहीं चाहता कि यह बंद हो. इसलिए आईपीएल चल रही है क्रिकेट के मूल स्वरूप को नुकसान पहुंचाने जाने की तमाम चिंताओं के बावजूद.

आईपीएल की टीमें: आईपीएल प्रतियोगिता की शुरुआत के बाद से इसमें 13 टीमें खेल चुकी हैं. 2017 व 2018 के लिए इसमें आठ टीमों ने भाग लिया. 2019 की आईपीएल में भी आठ टीमें भाग ले रही हैं।

इसमें खेलने वाली टीमें वैसी ही हैं जैसे विदेशों मे फुटबाल क्लब होते हैं. पहली आठ ऐसी ही फ्रेंचाइजी की घोषणा 24 जनवरी 2008 को की गई. आईपीएल की संस्थापक फेंचाइजी या टीमों में चेन्नई सुपरकिंग्स, दिल्ली डेयरडेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब, कोलकाता नाइटराइडर्स, मुंबई इंडियंस, राजस्थान रायल्स, रायल चैंलेंजर्स बेंगलूर व डेक्कन चार्जर्स है.

इसके बाद 21 मार्च 2010 को दो और फेंचाईजी/टीम कोच्चि टस्कर्स केरल व पुणे वारियर्स इंडिया को इसमें शामिल किया गया. कोच्चि टस्कर्स को रेंडेज्वस स्पोर्ट्स वर्ल्ड तथा पुणे वारियर्स को सहारा समूह ने खरीदा. अक्तूबर 2012 में हैदराबाद फ्रेंचाइजी बनी जिसे सन टीवी नेटवर्क ने खरीदा.

इनमें से कोच्चि टस्कर्स, पुणे वारियर्स इंडिया, गुजरात लायंस फिलहाल ​अस्तित्व में नहीं है.  एक खिताब जीतने वाली डेक्कन चार्जर्स अब सनराइज हैदराबाद हो गई है. तो फिलहाल आईपीएल में आठ फेंचाइजी/टीमें ही हैं.

विजेता: इनमें से मुंबई इंडियंस ने रिकार्ड चार बार आईपीएल का खिताब जीता है। चेन्नई सुपरकिंग्स ने तीन बार, कोलकाता नाइटराइडर्स ने दो बार, राजस्‍थान रायल्‍स, सनराइजर्स हैदराबाद व डेक्‍कन चार्जर्स ने एक एक बार प्रतियोगिता जीती है. पहली आईपीएल शेन वार्न की अगुवाई वाली राजस्‍थान रायल्‍स ने जीती थी जबकि 2017 में मुंबई इंडियंस विजेता रही. आईपीएल 2019 मुंबई इंडियंस ने जीती।
अब तक हुई आईपीएल के विजेता:

पुरस्कार राशि: जहां तक पुरस्कार राशि का सवाल है तो आईपीएल सात यानी 2014 में कुल पुरस्कार राशि 40 करोड़ रुपए थी. विजेता टीम को 15 करोड़ रुपए मिले. 2015 में पुरस्कार राशि 34 करोड़ रुपए थी. जिसमें विजेता टीम को 15 करोड़ रुपए, उपविजेता को 10 करोड़ रुपए, तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को पांच करोड़ रु व चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को चार करोड़ रुपए मिले. आईपीएल 2017 की पुरस्कार राशि बढ़ाई गई। विजेता को 20 करोड़ रुपए, उपविजेता को 11 करोड़ रुपए मिले। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 7.5 करोड़ रुपए व चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को 2.5 करोड़ रुपए मिले। 

प्रायोजक:  जहां तक प्रायोजक का सवाल है तो 2012 तक रीयल्‍टी कंपनी डीएलएफ इसकी प्रमुख प्रायोजक रही जबकि 2013 से पेप्‍सी पांच साल के लिए इसकी प्रमुख प्रायोजक बन गई. इसके टेलीविजन प्रसारण अधिकार दस साल के लिए सोनी के पास है.  पेप्सी का मुख्य प्रायोजक के रूप में करार 2015 में पूरा हो गया। इसके बाद चीन की मोबाइल कंपनी वीवो इसके शीर्षक प्रायोजक या टाइटल स्पांसर बनी। इसी कारण 2016 से आईपीएल का पूरा नाम वीवो इंडियन प्रीमियर लीग रहा।

वीवो 2022 तक टाइटल प्रायोजक:  चीनी मोबाइल कंपनी वीवो 2022 तक आईपीएल की टाइटल प्रायोजक यानी स्पांसर रहेगी। यानी इस प्रतियोगिता को वीवो आईपीएल के नाम से जाना जाएगा। कंपनी ने 27 जून 2017 को 2,199 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाकर अगले पांच साल के लिए एक बार फिर टाइटल प्रायोजन अधिकार हासिल किए। कंपनी ने जो राशि पेश की वह पिछले समझौते से करीब 500 प्रतिशत अधिक है। यह समझौता एक अगस्त 2017 से 31 जुलाई 2022 के लिए किया गया है। वीवो 2016 से 2017 के सत्र के लिए आईपीएल की टाइटल प्रायोजक रही।

विशेष सिक्का: दसवीं आईपीएल यानी आईपीएल 2017 में मैचों से पहले टॉस के लिए विशेष सिक्के का इस्तेमाल किया गया। इसमें आईपीएल के लोगो के साथ 10 अंकित है।

यह भी देखें:
>आईपीएल की बैंगनी टोपी
>आईपीएल की संतरी टोपी
>आईपीएल 8 का टाइमटेबल
>आईपीएल: मैन आफ द सीरिज अवार्ड
>आईपीएल 2015 के रंग

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