क्यों नहीं आई विंडोज9

दुनिया की सबसे प्रमुख साफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसाफ्ट ने जनवरी 2015 में अपने नये आपरेटिंग सिस्टम को पेश किया और इसका नाम बताया विंडोज टेन या विंडोज 10. इससे पहले कंपनी ने विंडोज 8 या 8.1 पेश की थी तो सवाल उठा कि विंडोज 9 कहां गई?

यह सवाल उठना स्वाभाविक है क्योंकि कंपनी हाल ही के वर्षों में अपने आपरेटिंग सिस्टम को इसी क्रम में पेश आई है जैसे विंडोज7,विंडोज8.. तो इस लिहाज से तो विंडोज 9 आनी चाहिए थी या कि वह इसका नाम विंडोज 8.2 भी रख सकती थी. लेकिन कंपनी ने सीधे विंडोज 10 पेश कर दी.

जब कंपनी के अधिकारियों से इसकी वजह पूछी गई तो उनका कहा था कि नयी विंडोज पुरानी विंडोज से काफी अलग है. मतलब विंडोज के इस संस्करण में काफी बदलाव किए गए हैं. कई नयी अवधारणाएं लाई गई हैं जैसे कि एप्प, सीमिलर प्लेटफार्म एक्सी​पीरियंस, स्पार्टन ब्राउजर आदि इसलिए इसका नाम विंडोज 9 नहीं बल्कि विंडोज 10 रखा गया.

कंपनी का कहना है कि विंडोज 10 के बीटा व फुल वर्जन को पेश करने में भी उसे काफी समय लग गया इसलिए उसने इसका नाम विंडोज9 की जगह वह विंडोज 10 ही रखा है.

हालांकि नाम में कुछ नहीं रखा है फिर भी बताते चलें कि माइक्रोसाफ्ट विंडोज का कारोबारी नाम उसके मूल संस्करण नाम से कभी कभार ही मेल खाता है. अगर तकनीकी संस्करण की बात की जाए तो विंडोज10 का नाम 6.4 होना चाहिए था.

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